इनामी अपराधियों पर कार्रवाई में सबसे पीछे गोरखपुर, टॉप पर कुशीनगर

        गोरखपुर : इनामी अपराधियों की धर-पकड़ में गोरखपुर पुलिस सबसे पीछे है। यहां का एक लाख रुपये का इनामी बदमाश राघवेन्द्र अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बना है। जबकि दस से ज्यादा बदमाशों का तो पिछले दस साल से कोई अता-पता नहीं है।
पुलिस न तो उन्हें दबोच पा रही है और न ही उन्हें मृत मानकर सूची से बाहर ही निकाल पा रही है। अब तक मिले आंकड़े के अनुसार गोरखपुर व बस्ती मंडल में गोरखपुर की पुलिस कार्रवाई के मामले में सबसे अन्तिम पायदान यानी सातवें स्थान पर है जबकि कुशीनगर पुलिस टॉप पर। 
एडीजी जोन कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक गोरखपुर पुलिस इनामियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई में सबसे पीछे चल रही है। कुशीनगर पुलिस कार्रवाई में सबसे आगे है। वहीं संतकबीरनगर पु‌लिस दूसरे स्थान पर है। मिले आंकड़े बताते हैं कि गोरखपुर रेंज की चार जिलों की पुलिस ने 165 इनामी अपराधियों में से 120 ‌को गिरफ्तार किया है। छह अपरा‌धी कोर्ट में सरेंडर किए और एक अपराधी मुठभेड़ में मारा गया। वहीं 38 अपराधी अभी भी फरार है। पुलिस की यह कार्रवाई की औसत 76-97 प्रतिशत है। इसी प्रकार बस्ती रेंज के 81 इनामी अपराधियों में 64 पकड़े गए, पांच सरेंडर किए और एक मारा गया। 11 इनामी अभी भी फरार है। लिहाजा बस्ती रेंज की पुलिस की कार्रवाई का औसत 86-42 प्रतिशत है।


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