दिनदहाड़े फाइनेंस कंपनी ने उठवाई कार, पुलिस ने दर्ज किया लूट का केस

डॉ0 एस0 चंद्रा

          गोरखपुर : सिक्टौर बाजार में सोमवार की शाम बोलेरो सवार लोगों ने संतकबीरनगर के मेंहदावल स्थित अंशिका हास्पिटल के संचालक संतोष कुमार गुप्ता से कार उनकी कार छीन ली। संतोष ने मारपीट कर कार, उसमें रखे दो लाख रुपये नकद और जरूरी कागजात लूटे जाने की तहरीर थाने में दी। केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि कार फाइनेंस कंपनी के लोग ले गए हैं। शाम को कार कंपनी में जमा कराई गई है।

जानकारी के मुताबिक, संतकबीरनगर के मेंहदावल निवासी संतोष कुमार गुप्ता ने तहरीर में लिखा है कि सोमवार को अपने छोटे भाई अनूप के साथ वह कार से भालोटिया मार्केट दवाएं खरीदने जा रहे थे। अपराह्न करीब तीन बजे सिक्टौर बाजार के पास सफेद बोलेरो से छह की संख्या में आए लोगों ने ओवरटेक कर कार रोकी और उसकी चाबी निकाल ली।

संतोष और अनूप को बाहर खींचकर दो लोग कार लेकर फरार हो गए। बाकी चार लोग बंदूक दिखाकर हॉकी से मारपीट करने लगे। कार में दो लाख रुपये नकद व जरूरी कागजात थे। मारपीट होती देख आसपास के लोग एकत्र होने लगे तो चार युवक बोलेरो छोड़कर भाग गए।

मार्च 2020 से नहीं जमा की गई किस्त

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि श्रीराम आटो फाइनेंस कंपनी से कार को फाइनेंस कराया गया था। मार्च 2020 से किस्त जमा न होने पर श्रीराम फाइनेंस की अधिकृत एजेंसी के लोगों ने कार को कब्जे में लिया है। इस दौरान मारपीट होने और कार में रुपये होने के आरोप की वजह से पुलिस लूट का केस दर्ज कर जांच कर रही है।

फाइनेंस कंपनी की ओर से बताया गया कि संतोष कुमार गुप्ता ने 21 सितंबर 2018 को टाटा टिआगो गाड़ी लेने के लिए 4,28,000 रुपये फाइनेंस कराए थे। जिसमें 1,88,555 रुपये इंट्रेस्ट अतिरिक्त था। संतोष गुप्ता ने आखिरी बार नौ मार्च 2020 को किस्त जमा की। 1,78,600 रुपये शेष भुगतान नहीं करने पर कंपनी के बार-बार नोटिस भेजने पर भी किस्त जमा नहीं की गई। इसके बाद कंपनी ने रिकवरी के तहत गाड़ी उठवाई है। शाम को गाड़ी कंपनी के पास आ गई है।

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